ऑनलाइन क्लास के लिए टीचर ने कुर्सी, हैंगर, कपड़े की कतरन से बनाई ट्राईपॉड

कोरोना काल में ऑनलाइन क्लासेज को प्राथमिकता दी जा रही है। हालांकि, संसाधनों की कमी इसमें रोड़े अटका रही है। संसाधनों के अभाव को जुगाड़ लगाकर पूरा करने वाली एक शिक्षिका की सोशल मीडिया में तारीफ हो रही है। महाराष्ट्र के पुणे शहर में रहने वाली मौमिता बी. एक वरिष्ठ लेक्चरर हैं। उनके पास ऑनलाइन क्लासेज के संचालन के लिए जरूरी ट्राईपॉड नहीं था, तो उन्होंने जुगाड़ लगाया।

उन्होंने एक कुर्सी, हैंगर और कपड़े की कतरन की मदद से ट्राईपॉड बना लिया। उन्होंने इसका वीडियो भी साझा किया। जो अब वायरल हो रहा है और काफी सराहा जा रहा है।

वीडियो का स्क्रिनशॉट साझा करते हुए एक टि्वटर यूजर ने लिखा, ‘मुझे नहीं पता यह फोटो किसने डाला, लेकिन इसने मेरा दिन बना दिया।’ दूसरे ने लिखा, ‘मैम हमें आपसे यही समझना और सीखना होगा कि संसाधनों की कमी का रोना रोने से समस्या कभी हल नहीं होगी।’ अन्य ने लिखा, ‘ये सम्मान की हकदार हैं।’

संक्रमित पुलिसकर्मी ने गाकर पहुंचाया जरूरी संदेश
वहीं, एक कोरोना संक्रमित एक पुलिसकर्मी का पुराने गाने से नए अंदाज में जरूरी संदेश देने का वीडियो सोशल मीडिया में छा गया है। सरदार गुरमीत सिंह नामक इस पुलिसकर्मी ने अपने आइसोलेशन वार्ड में गाना गाते का वीडियो बनाया। वह 1972 की फिल्म ‘शोर’ का ‘एक प्यार का नगमा है’ गाते नजर आए, लेकिन उसमें कोरोना के प्रति जागरुकता का संदेश भी दिया।

गुरमीत ने गाया-एक बात बताना है, सबको जतलाना है, सबको समझाना है, जिंदगी को हम सभी को कोरोना से बचाना है। हम सबने ये ठाना है, जिंदगी को हम सभी को कोरोना से बचाना है। वार्ड में ही रहना है, बाहर नहीं जाना है, आइसोलेशन के पीरियड को पूरा करके जाना है। साथ ही एक संदेश में कहा कि मैं ईश्वर से दुआ करता हूं कि आप कभी कोरोना की इस दुनिया में ना आएं लेकिन अगर कोरोना पॉजिटिव हो भी जाएं, तो हिम्मत ना हारें। रब पे भरोसा रखें।

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