केजरीवाल बोले- दिल्ली में बढ़ेंगे तेजी से संक्रमित, LG के आदेश का करेंगे पालन

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने बुधवार को डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस की. तबियत खराब होने पर सीएम केजरीवाल का कोविड-19 (COVID-19) टेस्ट कराया गया, जिसके बाद मंगलवार की शाम को रिपोर्ट निगेटिव आई. इस पर उन्होंने शुभकामनाएं देने वालों का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया. उन्होंने डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, ”आइसोलेशन में शरीर बंद था लेकिन मन इसी में लगा हुआ था कि और क्या-क्या करने की जरूरत है.”

प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में केजरीवाल ने कहा, ”दिल्ली में 31,000 कुल मामले हो चुके हैं, 12,000 ठीक हो चुके हैं जबकि करीब 18000 अभी एक्टिव केस हैं. करीब 900 लोगों की मौत हो चुकी है. 18000 एक्टिव मामलों में से 15000 होम आइसोलेशन में हैं. कल DDMA की बैठक थी. मुझे जाना था मैं नहीं जा पाया, मनीष सिसोदिया जी और अन्य मंत्री गण गए थे.

CM केजरीवाल ने कहा, ”वहां पर जो आंकड़े सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए वह आंकड़े दिखाते हैं कि आने वाले समय में दिल्ली में कोरोना बहुत तेजी से फैलेगा. 15 जून को 44,000 केस होने की संभावना है. 30 जून तक 1,00,000 केस हो जाएंगे. 15 जुलाई तक सवा दो लाख केस हो जाएंगे और 31 जुलाई तक लगभग 5,32,000 केस हो जाएंगे. इसको देखते हुए 15 जून तक हमें 6,681 बेड की जरूरत पड़ेगी. 31 जुलाई तक 80,000 बेड की जरूरत पड़ेगी. चुनौती बहुत बड़ी है.”

उन्होंने कहा, ”अब जनांदोलन बनाना होगा. मास्क पहनना, बार-बार हाथ धोना और सोशल डिस्टेंसिंग करनी है. जो ऐसा नहीं कर रहा उससे विनती करनी है कि आप कीजिए. क्योंकि जो नियमों का पालन नहीं कर रहा, वह दूसरो को फैल सकता है. जैसे ओड इवन में हमने जन आंदोलन किया था वैसे ही अब कोरोना में करना है.”

मुख्यमंत्री ने कहा, ”दिल्ली की कैबिनेट ने फैसला किया था कि कोरोना के दौरान दिल्ली के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में केवल दिल्ली वासियों का इलाज हो. सोमवार को एलजी साहब ने दिल्ली की कैबिनेट का फैसला पलट दिया. दिल्ली में चुनी हुई सरकार है. चुनी हुई सरकार के फैसले को एलजी साहब पलट नहीं सकते कुछ लोग ऐसा कह रहे थे. मेरा कहना है कि केंद्र सरकार ने निर्णय ले लिया एलजी साहब ने फैसला कर लिया है.”

CM केजरीवाल ने आगे कहा, ”यह समय मतभेद का नहीं है. एलजी साहब ने जो आदेश दे दिया उसको लागू किया. केंद्र सरकार के निर्णय को लागू किया जाएगा. इस पर कोई लड़ाई झगड़ा या वाद-विवाद नहीं करना है. सभी लोगों को और पार्टी के लोगों को मैं संदेश देना चाहता हूं कि हम इस फैसले को लागू करेंगे. बहुत बड़ी चुनौती है और अभूतपूर्व चुनौती है. 15 जुलाई को दिल्ली में 33,000 और 31 जुलाई को 80,000 बेड की जरूरत पड़ेगी.”

उन्होंने कहा, ”जब कोरोना नहीं था तब 50% बाहर से आने वाले इलाज कराते थे, तो इस लिहाज से जितने बेड दिल्ली के लिए चाहिए उतने ही दिल्ली से बाहर से आने वालों के लिए भी चाहिए. 31 जुलाई के हिसाब से लगभग डेढ़ लाख बेड की जरूरत पड़ेगी. हम पूरी कोशिश करेंगे जो बन सकेगा हमारी जिम्मेदारी भी है और यह सेवा का काम है.”

मुख्यमंत्री ने कहा, ”कल या परसों से मैं खुद निकलूंगा. बैंक्वेट हॉल और स्टेडियम को तैयार करवाएंगे. हमारे काम में 100 कमियां रह सकती है लेकिन हमारी नियत में कोई कमी नहीं है. पड़ोसी राज्यों से निवेदन कि वह भी अपने यहां समुचित व्यवस्था करें और वह लोग कर भी रहे होंगे. मीडिया वाले बहुत अच्छा काम कर रहे हैं मैं मीडिया वालों को सेल्यूट करना चाहता हूं. आप लोग हमारी जो जो कमियां रह जाती हैं वह रोज हमको बताते हैं. आपने हमारी मोबाइल ऐप में कमियां बताई हमने पिछले एक हफ्ते में उसको काफी ठीक किया है.”

अरविंद केजरीवाल ने कहा, ”लगभग हर चैनल पर कुछ मरीजों या उनके रिश्तेदारों को अस्पताल के बारे में बताया जाता है कि उनको बेड नहीं मिला. मैं सोच रहा था कि कुल 15 चैनल होंगे, लेकिन ऐसे बहुत से लोगों के जिनको बेड नहीं मिला होगा. पिछले 8 दिनों में दिल्ली के अस्पतालों में उन्नीस सौ लोगों का एडमिशन हुआ. आज करीब 42 सौ बेड खाली हैं लेकिन ज्यादातर सरकारी में है प्राइवेट में ज़्यादातर भर गए हैं. उन्नीस सौ लोगों को बेड मिले तो सो डेढ़ सौ लोग ऐसे भी होंगे जिनको बेड के लिए धक्के खाने पड़े होंगे.”

उन्होंने कहा, ”हम कमियों को दूर कर रहे हैं लेकिन हम अभी परफेक्ट नहीं हैं. और ऐसा भी नहीं है कि सब कुछ खराब ही है बहुत काम हुआ है हमारे डॉक्टर नर्स बहुत काम कर रहे हैं लेकिन अभी भी बहुत सारी चीजें ठीक करनी है. मीडिया से अपील कि आप हमारी कमियां तो चैनल पर दिखाते ही है लेकिन उसके अलावा भी कहीं कोई कमी हो तो हमें बताएं. सबसे जरूरी बात यह है कि यह समय आपस में लड़ने का नहीं है.

सीएम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आगे कहा, ”सब पार्टी वाले आपस में लड़ रहे हैं. सारे आपस में लड़ते रहे तो कोरोना जीत जाएगा. जब तक सारे मिलकर नहीं लड़ेंगे तब तक हम जीत नहीं सकते. सारी सरकारों सारी संस्था और सारी पार्टियों को एकजुट होकर काम करना है. आपस में लड़े तो कोरोना जीत जाएगा और एकजुट होकर लड़े तो कोरना को हरा देंगे.”

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