बेरूत धमाके से डरा भारत, CBIC ने दिये सभी विस्फोटकों की सुरक्षा जांच के आदेश

लेबनान की राजधानी बेरूत में दो दिन पहले हुए भीषण धमाके से भारत में भी एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) CBIC ने अपने फील्ड ऑफिसेज को 48 घंटे के भीतर गोदामों और बंदरगाहों में स्टोर किए गए विस्फोटकों की सुरक्षा और फायर स्टैंडर्ड की जांच करने को कहा है। इसका कवायद का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि इन विस्फोटकों के कारण जानमाल को कोई नुकसान न हो।

सीबीआईसी ने कहा कि हाल में ऐसी सामग्री से विदेश में हुए धमाके की एक घटना के मद्देनजर एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया जा रहा है। सीबीआईसी ने ट्वीट किया, ‘सीबीआईसी ने हाल में कस्टम्स और फील्ड फॉर्मेशंस को 48 घंटे के भीतर यह सुनिश्चित करने को कहा है कि पूरे देश में गोदामों और बंदरगाहों में स्टोर की गई खतरनाक और विस्फोटक सामग्री सभी सेफ्टी और फायर स्टैंडर्ड को पूरा करती हैं। इससे जानमाल को कोई खतरा नहीं है।’

बेरूत में भीषण धमाका

मंगलवार को लेबनान की राजधानी बेरूत में हुए एक भीषण धमाके में 135 लोगों की मौत हो गई और 5000 घायल हो गए। माना जा रहा है कि बेरूत बंदरगाह में एक वेयरहाउस में 2000 मीट्रिक टन से अधिक अमोनियम नाइट्रेट रखा गया था जिसके कारण यह धमाका हुआ।

चेन्नई बंदरगाह में विस्फोटक होने की रिपोर्ट्स

इससे पहले कुछ रिपोर्ट्स में संभावना जताई गई थी कि चेन्नई पोर्ट में 740 टन अमोनियम नाइट्रेट रखा गया है। हालांकि पोर्ट के एक अधिकारी ने इसका खंडन करते हुए कहा कि इस कनसाइनमेंट को बहुत पहले ही चेन्नई पोर्ट से हटा दिया गया है। रिपोर्ट्स में कहा गया था कि 740 टन अमोनियम नाइट्रेट की खेप 37 कंटेनरों में रखी गई थी और उसे अम्मन केमिकल्स ने 2018 में फर्टिलाइजर के रूप में दक्षिण कोरिया से आयात किया था।

चूंकि कंपनी के पास इसके लिए जरूरी लाइसेंस नहीं था, इसलिए कस्टम विभाग ने उस खेप को जब्त कर लिया था और सत्वा कंटेनर फ्रेट स्टेशन, मनाली में रखा था। सत्वा कंटेनर फ्रेट स्टेशन के एक कर्मचारी ने कहा कि इस केमिकल को स्टोर करने के लिए सभी एहतियाती कदम उठाए गए थे। बाद में इस खेप के एक हिस्से की कस्टम विभाग ने नीलामी कर दी थी।

बाढ़ में बहा विस्फोटक

अधिकारियों ने अलग से कहा कि चेन्नई कस्टम्स 690 टन अमोनियम नाइट्रेट के ई-ऑक्शन की प्रक्रिया में है। केमिकल कंपाउंड को चेन्नई के मनाली में एक फ्रेट स्टेशन में स्टोर किया गया है और यह नवंबर 2015 में जब्त किए गए 697 टन की खेप का हिस्सा है। इसका बाकी हिस्सा दिसंबर 2015 में आई बाढ़ के दौरान बह गया था। पीएमके के फाउंडर एस रामदास ने इस पर चिंता जताते हुए कहा कि अमोनियम नाइट्रेट को तुरंत हटाया जाना चाहिए और इसका इस्तेमान फर्टिलाइजर बनाने में होना चाहिए।

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