फर्जीवाड़ा: अफसरों की मिलीभगत से होमगार्ड ले रहा था वृद्धा पेंशन का लाभ, जांच हुई तो नपेंगे कई अफसर

​बलिया। उत्तर प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के प्रतिजीरो टॉलरेन्स निति अपनाये हुए काम करने की बात कर रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भी यही मंशा है लेकिन भ्रष्ट हो चुके सिस्टम के आगे ये उम्मीदें दम तोड़ती नज़र आ रही हैं। आए दिन ऐसे मामले संज्ञान में आ रहे हैं जिससे योगी सरकार की किरकिरी हो रही है। इन सब के बावजूद अधिकारी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। नया मामला उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से प्रकाश में आया है।

दरअसल जिले के दुबहड़ कंपनी में होमगार्ड के पद पर तैनात बरमेश्वर वर्मा विगत 8 वर्षों से वृद्वा पेंशन का लाभ ले रहा था। वृद्धा पेंशन का लाभ लेते हुए उन्होंने अपनी उम्र 70 वर्ष दिखा रखी थी। स्थानीय आरटीई एक्टिविस्ट ने इस पूरे फर्ज़ीवाड़े को संज्ञान में लाया। जिसके उपरान्त दोषी पाए गए होमगार्ड को ड्यूटी पीरियड से वंचित कर दिया गया। यह सब कुछ ऊपर बैठे अधिकारियों की मिली भगत से होता रहा। इस बात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मामला ठंडे बस्ते में जाते देख बरमेश्वर वर्मा को पुनः ज्वाइन करा लिया जाता है।

इस मामले में 2 जुलाई को जब हमने होमगार्ड कमांडेंट से बात की तो उन्होंने बताया कि यह बात सही है की बरमेश्वर वर्मा विगत 8 वर्षों से वृद्वा पेंशन का लाभ ले रहे थे, उन्हें अभी ड्यूटी पीरियड से वंचित रखा जायेगा। उक्त मामले पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि इन सब से पहले होमगार्ड की ज्वाइनिंग करा ली जाती है। फर्जी करने वालों से हौसले किस कदर बुलंद है इसे समझने के लिए बरमेश्वर वर्मा द्वारा अपने गांव के लोगों से कही बात आपको जरूर जाननी चाहिए-

होमगार्ड बरमेश्वर का कहना है कि मैंने 50000 देकर मामले को रफा दफा कर दिया है, अब मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ पायेगा। गौरतलब है कि फर्जी तरीके से शिक्षक की नौकरी हथियाने वालों का भंडाफोड़ पैन कार्ड के सत्यापन के दौरान सामने आया। समूचे प्रदेश में पैन कार्ड की जांच के दौरान असली शिक्षक के पैन कार्ड पर किसी और के भी नौकरी करने के मामले प्रकाश में आए हैं। अब सवाल यह उठता है की भ्रष्ट हो चुके अधिकारियों व कमर्चारियों से योगी सरकार कैसे निपटे।

 

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