रक्षा मंत्री ने दिया फ्रांस को भरोसा, कोरोना संकट का राफेल की डिलीवरी पर नहीं पड़ेगा असर

नई दिल्ली। भारत में वर्तमान समय में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है लेकिन एक जून से पूरा भारत खोल दिया गया है। करीब दो महीने के लॉकडाउन में लोगों के अंदर काफी जागरूकता आ गयी है जिसकी वजह से सरकार के लिए ये कदम उठाना आसान रहा। कोरोना संकट से पूरा विश्व जूझ रहा है। इसका व्यापक वैश्विक असर देखने को मिल रहा है। इस बात की संभावना जताई जा रही थी कि कोरोना महामारी के कारण राफेल विमान की डिलीवरी में भी देरी हो सकती है, लेकिन आज फ्रांस ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को आश्वस्त किया है कि तय समय पर राफेल भारत को सौंपे जाएंगे।

आज यानी मंगलवार को भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस के सशस्त्र बल के मंत्री फ्लोरेंस के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई। इस दौरान दोनों देशों के बीच कोरोना की स्थिति, क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ-साथ भारत और फ्रांस के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए आपसी सहमति के मुद्दों पर चर्चा हुई।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ‘हमने COVID-19 महामारी से लड़ने में भारत और फ्रांस के सशस्त्र बलों द्वारा किए गए प्रयासों की भी सराहना की। फ्रांस ने COVID-19 महामारी से उत्पन्न चुनौतियों के बावजूद राफेल विमान की समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की है।’

भारत ने फ्रांस के साथ सितंबर 2016 में 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए एक अंतर सरकारी समझौता करीब 58,000 करोड़ रुपये की लागत से किया था। इससे पहले पहले फ्रांस ने कहा था, ”राफेल विमानों के कॉन्ट्रैक्ट का अब तक बिल्कुल सही तरीके से सम्मान किया गया है और वास्तव में अनुबंध के मुताबिक अप्रैल के अंत में फ्रांस में भारतीय वायु सेना को एक नया विमान सौंपा भी गया है।” रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 8 अक्टूबर को फ्रांस में एक हवाई अड्डे पर पहला राफेल जेट विमान प्राप्त किया था।

राजदूत ने कहा था, ”हम भारतीय वायुसेना की पहले चार विमानों को यथाशीघ्र फ्रांस से भारत ले जाने की व्यवस्था करने में मदद कर रहे हैं। इसलिए, यह कयास लगाए जाने के कोई कारण नहीं हैं कि विमानों की आपूर्ति के कार्यक्रम की समयसीमा का पालन नहीं हो पाएगा।”

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