BJP ने लोक सभा सांसदों को जारी किया व्हिप, ये अहम बिल ला सकती है सरकार

बीजेपी ने अपने लोकसभा सांसदों के लिए 22 मार्च के लिए व्हिप जारी किया है. बताया जा रहा है कि सरकार इस दिन इंफ्रास्ट्रक्चर फंडिंग के लिए नए बैंक बनाने से जुड़े बिल को ला सकती है. इसके अलावा दो अन्य बिल लाने की तैयारी है.

मुख्य सचेतक राकेश सिंह की ओर से जारी तीन लाइन के व्हिप में कहा गया है कि 22 मार्च को लोकसभा में कुछ अति महत्वपूर्ण विधायी कार्य चर्चा और पारित करने के लिए लाए जाएंगे. ऐसे में पार्टी के सभी लोकसभा सांसदों से निवेदन है कि वे 22 मार्च को पूरे दिन सदन में अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर सरकार के पक्ष में मतदान करें.

कैबिनेट में लिया गया था फैसला

बता दें, हाल ही में केंद्रीय कैबिनेट ने डेवलपमेंट फाइनेंस इंस्टिट्यूशन (DFI) से जुड़े विधेयक को मंजूरी दी है. नेशनल बैंक की तरह काम करने वाले ये इंस्टिट्यूशन बड़े इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर प्रोजेक्‍ट्स की फंडिंग करेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की अध्‍यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में ऐसे बैंक बनाने का ऐलान किया था जो इंफ्रास्ट्रक्चर फंडिंग करेंगे, सरकार अब इन बैंकों के लिए बिल ला सकती है.

जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग

दूसरी तरफ शनिवार को लोक सभा में भाजपा के एक सांसद ने बढ़ती आबादी को देश के समक्ष गंभीर संकट बताते हुए केंद्र सरकार से जनसंख्या नियंत्रण कानून (Population control law) बनाने की मांग की है. शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए भाजपा सांसद संजय सेठ ने कहा कि देश में बढ़ती आबादी बड़ा संकट बनती जा रही है, ऐसे में सरकार को देश में जनसंख्या नियंत्रण कानून लाना चाहिए. उन्होंने कहा कि दो बच्चों के मानदंड को लागू करना चाहिए. इसका उल्लंघन करने वालों को सरकारी सुविधाएं नहीं मिलें और चुनाव नहीं लड़ सकें. ऐसा प्रावधान किया जाना चाहिए.

क्या होता है व्हिप

व्हिप एक तरह का डायरेक्शन और इंस्ट्रक्शन होता है. व्हिप एक लिखित आदेश होता है जिसमें कहा जाता है कि पार्टी के सदस्य किसी महत्वपूर्ण वोटिंग के लिए सदन में उपस्थित रहेंगे. सभी राजनीतिक पार्टियां अपने सदस्यों को व्हिप जारी कर सकती हैं. पार्टी सदन के किसी सदस्य को वरिष्ठ सदस्य के रूप में नियुक्त करती है, जिसे मुख्य व्हिप कहा जाता है.

व्हिप तीन तरह के होते हैं. एक लाइन का व्हिप साधारण होता है. दो लाइन के व्हिप में सदस्यों को सिर्फ उपस्थित रहने के लिए डायरेक्शन दिया जाता है. तीन लाइन के व्हिप में सदस्यों को सदन में उपस्थित होना अनिवार्य होता है और पार्टी के हिसाब से वोट भी डालना होता है. अगर सदस्य नियम का उल्लंघन करता है तो उसकी सदस्यता रद्द भी हो सकती है. ज्यादातर पार्टियां तीन लाइन वाला व्हिप ही जारी करती हैं क्योंकि यही वैल्युबल होता है और हाईकोर्ट सुप्रीम कोर्ट में भी माना जाता है.

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